वीर छत्रपति शम्भा जी

इतिहास का ठुकराया हीरा- वीर छत्रपति शम्भा जी (11 मार्च बलिदान दिवस पर विशेष रूप से प्रचारित) वीर शिवाजी के पुत्र वीर शम्भा जी---- का जन्म...
- 8:07 PM
वीर छत्रपति शम्भा जी वीर छत्रपति शम्भा जी Reviewed by Gautam Tiwari on 8:07 PM Rating: 5

इतिहास का सबसे पहला और सबसे खतरनाक गौरक्षक हरफूल जाट जुलानी वाला

88 साल पहले चौधरी हरफूल जाट जुलानी वाले ने (सन 23 जुलाई 1930 में) अकेले ने ही टोहाना (जिला फतेहाबाद ,हरियाणा ) का बूचडखाना तोड़कर गौ हत...
- 2:25 PM
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जब गोलियों से छलनी हो गए लेकिन दिन भर चीनी सेना को इंच भर आगे नहीं बढ़ने दिया - मेजर शैतान सिंह

1962 में जिस तरह चीन ने भारत की पीठ में छुरा घोंपा, उसका हम आज तक जवाब नहीं दे पाए हैं... आप कभी उत्तराखंड के रानीखेत जाइए.. वहां ...
- 2:22 PM
जब गोलियों से छलनी हो गए लेकिन दिन भर चीनी सेना को इंच भर आगे नहीं बढ़ने दिया - मेजर शैतान सिंह जब गोलियों से छलनी हो गए लेकिन दिन भर चीनी सेना को इंच भर आगे नहीं बढ़ने दिया - मेजर शैतान सिंह Reviewed by Jai Pandit Azad on 2:22 PM Rating: 5

चन्द्र सिंह गढवाली की अनसुनी कहानी : The unheard Story of Chander Singh Garhwali

प्रिय पाठकवृन्द! यह सत्य है कि हमारे ही स्वार्थी लोगों क कारण भारत माता की गुलामी की बेड़ियाँ मजबूर होती रही, पर यह भी सत्य है कि अंग्रेजो...
- 12:56 PM
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क्रांतिकारियों के भीष्म पितामह पं.श्याम जी कृष्ण वर्मा

महान क्रांतिकारी राष्ट्र रत्न और गुजरात के गौरव पुत्र पं.श्याम जी कृष्ण वर्मा की जीवन यात्रा दिनांक 4 अक्टूबर 1857 को माण्डवी कच्छ गुजरा...
- 12:03 PM
क्रांतिकारियों के भीष्म पितामह पं.श्याम जी कृष्ण वर्मा क्रांतिकारियों के भीष्म पितामह पं.श्याम जी कृष्ण वर्मा Reviewed by Jai Pandit Azad on 12:03 PM Rating: 5
कविता शीर्षक : भारत को भारत रहने दो Bharat ko Bharat Rehne do कविता शीर्षक : भारत को भारत रहने दो Bharat ko Bharat Rehne do Reviewed by Hindi Sahitya on 4:25 PM Rating: 5

जब 1923 में वन्देमातरम का विरोध हुआ! तब क्या हुआ? जरूर पढियेगा

ऐतिहास का बडा चौंकाने वाला प्रसंग है कांग्रेस के 1923 के राष्ट्रीय अधिवेशन के मंच पर गांधीजी, नेहरू जी तथा अन्य कई राष्ट्रीय नेता विराजमान...
- 4:16 PM
जब 1923 में वन्देमातरम का विरोध हुआ! तब क्या हुआ? जरूर पढियेगा जब 1923 में वन्देमातरम का विरोध हुआ! तब क्या हुआ? जरूर पढियेगा Reviewed by Hindi Sahitya on 4:16 PM Rating: 5
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