सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है sarfaroshi ki tamanna rerprise





सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है।

देखना है ज़ोर कितना बाजु ऐ कातिल में है।
-पंडित राम प्रसाद बिस्मिल
सुनिये पूरी ग़ज़ल
नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से






sarfaroshi ki tamanna rerprise
Sarfaroshi ki Tamanna Full Ghazal Poem Kavita
 

Post a Comment